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Mere Man Ki Andh Tamas Mein Jyotirmayi Utaro. / मेरे मन के अंध तमस में, ज्योर्तीमयी उतरो ।

मेरे मन के अंध तमस में,
ज्योर्तीमयी उतरो ।

कहाँ यहाँ देवो का नन्दन,
मल्याचल का अभिनव चंदन,
मेरे उर के उजड़े वन,
करूणामयी वीचरो ।

नहीं कहीं कुछ मुझ में सुन्दर,
काजल सा काला ये अंतर,
प्राणों के गहरे गहवर में,
ममतामयी विहरो ।
  • Jagjit Singh.

Var De Var De Var De, Deen Badmi Var De. / वर दे वर दे वर दे, दीन बादमी वर दे,

जय जय माँ, जय जय माँ,
जय जय माँ, जय जय माँ ।

वर दे वर दे वर दे, दीन बादमी वर दे,
निर्मल मन कर दे, प्रेम अतुल कर दे,
सबकी सब्मती हो, ऐसा हमको वर दे ।

सत्यमयी तू है, ज्ञानमयी तू है,
प्रेममयी भी तू है, हम बच्चों को वर दे ।

सरस्वती भी तू है, महालक्ष्मी तू है,
महाकाली भी तू है, हम भक्तों को वर दे ।
  • Jagjit Singh.

Sarveshwari Jagdishwari Hey Matri Roop Maheshwari. / सर्वेश्वरी जगदीश्वरी, हे मातृ रूप महेश्वरी,

सर्वेश्वरी जगदीश्वरी, हे मातृ रूप महेश्वरी,
ममतामयी करूणामयी, हे मातृ रूप महेश्वरी ।

जगजीवनी संजीवनी, समस्त जीवनेश्वरी,
हे मातृ रूप महेश्वरी ।

कृपालीनी जगतारीणी, प्रतिपल भुवन हृदयेश्वरी,
हे मातृ रूप महेश्वरी ।

तमहारीणी शुभकारीणी, मनमोहनी विश्वेश्वरी,
हे मातृ रूप महेश्वरी ।
  • Jagjit Singh.

Mera Jeevan Teri Sharan Saare Raag Viraag Hue Ab. / मेरा जीवन तेरी शरण, सारे राग विराग हुए अब,

मेरा जीवन तेरी शरण,
सारे राग विराग हुए अब,
मोह सारे त्याग हुए अब,
एक यही मेरा बंधन ।

अविरत रहा भटकता अब तक,
भटकूँ और अभी मैं कब तक,
पा लू केवल तुझको ही माँ,
एक यही मेरी है लगन ।

तेरे चरणों पर हो अर्पण,
मेरे जीवन के गुण-अवगुण,
सारी व्याथाऐं दूर करो माँ,
हो कुसमित मेरा नंदन ।
  • Jagjit Singh.

Karam Sakal Tav Vilas Lok Aham Keval Haas. / कर्म सकल तव विलास, लोक अहम केवल हास ।

कर्म सकल तव विलास, लोक अहम केवल हास ।
हस्ती किच बिच ड़ारो, पंगु पार गिरी साहास ।
प्रभु पद में कोई बैठावो, पतित का तो हक उलास ।
यंत्र बद्ध किनी मोहे, चलत करो नव प्रगास ।
तू धर्मी देह माही, फैलावो चो दिस उजास ।
रथ समान मोही बनाए, चलावो हाथ तुमरे रास ।
करो कर्म अपनी और, ढूँढो सकल जग की आस ।
  • Jagjit Singh.

De Maa Nij Charnon Ka Pyaar, Jai Jai Maa Jai Jai Maa. / दे माँ निज चरणों का प्यार, जय जय माँ जय माँ ।

जय जय माँ जय माँ,
दे माँ निज चरणों का प्यार,
जय जय माँ जय माँ ।

पूर प्रेम दे अमर स्नेह दे,
दिव्य शान्ति का आनन्द ढेर दे,
पूजा करूँ सदा मैं तेरी,
दे सुमिरन का आधार,
दे माँ निज चरणों का प्यार,
जय जय माँ जय माँ ।

तुझ को जानूँ तुझ को मानूँ,
तुझ पर ही निज जीवन वारूँ,
ध्यान रहे तेरा ही निस-दिन,
दे भक्ति का उपहार,
दे माँ निज चरणों का प्यार,
जय जय माँ जय माँ ।

हृदय अभिप्शा से जाग्रत हो,
अभय हस्त मेरे सिर पर हो,
दिव्य प्रेम से ओत प्रोत हो,
जीवन का कारागार,
दे माँ निज चरणों का प्यार,
जय जय माँ जय माँ ।
  • Jagjit Singh.

Anandmayi Chaitanyamayi Satyamayi Parammayi. / आनंदमयी चैतन्यमयी, सत्यमयी परममयी ।

ओम्
आनंदमयी चैतन्यमयी, सत्यमयी परममयी ।
  • Jagjit Singh.

Ambe Charan Kamal Hain Tere, Hum Bhore Hain Janam Janam Ke. / अम्बे चरण कमल हैं तेरे, हम भौंरे हैं जनम जनम के,

अम्बे चरण कमल हैं तेरे,
हम भौंरे हैं जनम जनम के,
निस दिन दे दे पेरे ।

तु धरती जग पालन करती, अम्बर का आधार है तु,
सब सुख झूठे, सब दुख झूठे, इस जीवन कर सार है तु,
तु सत्यम् तु शिवम् सुन्दरम्, हम सब चपलज हैं तेरे ।

ओस में आँसू, फूल में श्रद्धा, अंतर मन लेकर उजीयारे,
तेरे मंदिर में नत मस्तक, नभ के सूरज चाँद सितारे,
हमने तेरी मुस्कानो में, देखे मधुर सवेरे ।

जय जय माँ, जय जय माँ,
जय जय माँ, जय जय माँ ।
  • Jagjit Singh.